आई फ्लू उपचार: आई फ्लू उपचार के विकल्प, दवाएं, घरेलू उपाय और नियमित देखभाल

आई फ्लू उपचार: आई फ्लू उपचार के विकल्प, दवाएं, घरेलू उपाय और नियमित देखभाल

बरसात के मौसम में संक्रमण बीमारियां फैलने का प्रकोप रहता है और अभी आई फ्लू ने दस्तक दे दी है लोगों को यह बीमारी आमतौर पर ज्यादा होने लगी है मौसम में आद्रता के कारण यह बीमारी जल्दी से और तेजी से फैलती है कई घरों में लोग इस संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं अस्पतालो में इस रोग से पीड़ित लोगों की संख्या बढ़ने लगी है। तथा अस्पतालों में इस रोग से संबंधित दवाइयों की कमी आने लगी है।

आइए हम जानते हैं आखिर क्या है आई फ्लू?

1. आंखें लाल हो जाना और आंखों में पानी बहना इसका कारण एडिनोवायरस टाइप 8-19 है इस वायरस के कारण आई फ्लू होता है।

2. पलकों में सूजन आना आंखों में कंकड़ जैसी चुभन होना।

3. सुबह उठते समय आंखें चिपक जाना आंखें खोलने पर दर्द करना।

4. धुंधला दिखना आंखों में सरसराहट होना।

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आई फ्लू से बचने के लिए करें जरूरी उपाय।

1. आंखों को गंदे पानी और बरसाती पानी से धोने से बचें।

2. किसी से भी हाथ मिलाने के बाद या संपर्क में आने के बाद हाथों को अच्छे से साबुन से धोकर साफ करें और लोगों से दूरी बनाकर रखें।

3. स्विंग पुल तालाब झरने आदि में नहीं नहाए।

4. बच्चों को आई फ्लू होने पर स्कूल ना भेजें।

5. अगर आप किसी ऑफिस में कार्य करते हैं तो एक दूसरे से संपर्क में आने से बचें।

6. अगर किसी के आई फ्लू हो रहा है तो उसके तोलिया कपड़े रुमाल आदि को अलग ही रखें।

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आई फ्लू से बचने के क्या उपचार हैं?

1. सबसे पहले हम बात करते हैं दवाई की आप एंटीबायोटिक और लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स और एंटीबायोटिक आई आइन्टमेन्ट का प्रयोग करे यह आई फ्लू के लिए कारगार दवाई है। आई फ्लू रोगियों के लिए इस दवाई का उपयोग सर्वश्रेष्ठ माना गया है

2. गहरे और काले कलर का चश्मा पहना आई फ्लू वाले रोगी के लिए सही होता है।

3. रुई को पानी में उबालकर रूई से तीन से चार बार रोजाना आंखों को साफ करें।

4.आई फ्लू से पीड़ित रोगी को ध्यान रखना चाहिए जब भी वह दवा डालें आगे आगे वाला भाग आंखों को स्पर्श नहीं होना चाहिए और उंगलियों को भी आंखों से स्पर्श होने से बचाएं अगर आपको ऐसा कुछ होता है तो आप हाथों को अच्छे से साफ करें हाथों को साबुन से धोएं।

5.अपना चश्मा तो तकिया कपड़े अलग रखें मानसून में आंखों का मेकअप आदि का उपयोग करने से बचें।

नेत्र चिकित्सकों के अनुसार बरसात के मौसम में गर्मी की उमस बढ़ने के कारण आई फ्लू जेसा रोग बढ़ने के आसार ज्यादा होते हैं इसे पिंक आई फ्लू या कंजेक्टिवाइटिस इन्फेक्शन कहते हैं इस तरह के मौसम में आई फ्लू बढ़ने का प्रकोप बहुत ज्यादा होता है! लेकिन आप अगर इस तरह की सावधानियां रखते हैं तो आईं फ्लू होने से बच सकते हैं अगर आईं फ्लू हो भी जाता है तो बताए गए उपायों को अपनाकर इस बीमारी से निजात पा सकते हैं।

निष्कर्ष: इस जानकारी में आपको बताया गया है कि आप आई फ्लू होने से कैसे बच सकते हैं और आई फ्लू कैसे होता है आई फ्लू होने पर आप किन - किन सावधानियों का उपयोग कर आए फ्लू से अपना बचाव कर सकते हैं।

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